छह श्यामला हिल्स के जिस बंगले में तेरह साल तक शिवराज सिंह चौहान बतौर मुख्यमंत्री रहे, उस बंगले में प्रवेश करने से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। इंटीरियर, फर्नीचर और तमाम निर्माण कार्यों के साथ ही मुख्यमंत्री का कक्ष और अन्य सहयोगियों के केबिन भी बनाए जा रहे हैं।
एक लिफ्ट भी लगाई जा रही है ताकि प्रथम तल पर जाने के लिए सीढ़ियां न चढ़ना पड़े। पीडब्ल्यूडी ने श्यामला हिल्स को काॅर्पोरेट लुक देने के लिए वास्तुविदों से एक फरवरी 2019 तक प्रपोजल मांग लिया है। सीएम खुद प्रेजेंटेशन देखेंगे और पसंद आने के बाद काम व लागत तय की जाएगी।
दिग्विजय सिंह सरकार के 2003 में जाने के बाद भाजपा सरकार की नई मुख्यमंत्री बनीं उमा भारती, फिर बाबूलाल गौर और 2005 से शिवराज सिंह चौहान इस बंगले में रह रहे थे। इस दौरान मामूली बदलाव हुए, लेकिन कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नया काम होगा।
इसी के बाद कमलनाथ श्यामला हिल्स में प्रवेश करेंगे। इस बदलाव से माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ-साथ घर से भी काफी समय काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 650 करोड़ रुपए की लागत से वल्लभ भवन में एनेक्सी का निर्माण करवाया है जिसमें कि नया मुख्यमंत्री कार्यालय बनाया गया है।
चौबीस घंटे में बदला नोटिस : पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (कैपिटल जोन) के हवाले से पहला इनविटेशन नोटिस 16 जनवरी को जारी किया गया। इसमें 31 जनवरी तक प्रपोजल मांगे गए और ईई (मेंटीनेंस डिवीजन-1 भोपाल) प्रवीण कुमार शर्मा से संपर्क करने के लिए कहा गया।
इसके वेबसाइट पर अपलोड होने के 24 घंटे बाद ही पीडब्ल्यूडी के चीफ आर्किटेक्ट के हवाले से 17 जनवरी को दूसरा नोटिस डॉक्यूमेंट जारी हुआ, जिसमें तमाम कार्यों का ब्यौरा देते हुए पीआईयू विंग के डीपीई एसएस ठाकुर से संपर्क करने को कहा गया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दोनों नोटिस सही हैं। बाद वाले में कुछ चीजें और क्लियर की गई हैं। इंटीरियर और फर्नीचर के काम भी होने हैं।
6 श्यामला हिल्स... यानी कमलनाथ का पूरा ऑफिस
सीएम कक्ष से लगा एक स्टाफ कक्ष होगा, जिसमें प्रमुख सचिव और सचिव के साथ उनके सहायकों के कैबिन होंगे। मीटिंग हॉल पूरी तरह से नया बनेगा। फिलहाल उसकी क्षमता 75 लोगों की तय की गई है।
प्रमुख सचिव और सचिव के साथ उनके पीए के लिए अलग-अलग चेंबर होंगे। एसपी सिक्योरिटी, ओएसडी, पर्सनल ओएसडी और उनके पीए के भी अलग कक्ष रहेंगे।
असिस्टेंट के साथ डॉक्टर का रूम अलग होगा। उप सचिव व उनके पीए के लिए भी अलग कमरा। प्रोग्राम सेक्शन का केबिन और सलाहकार के लिए भी अतिरिक्त कक्ष होगा।
वीडियो सर्विलांस सुविधा के साथ सिक्योरिटी ऑफिस व सिक्योरिटी रूम पांच लोगों की क्षमता के साथ रहेगा। जन शिकायत कक्ष भी बनेगा।
तीन वेटिंग रूम होंगे। एक वीवीआईपी व वीआईपी के लिए, एक रिसेप्शन व वेटिंग एरिया और एक आम लोगों के लिए।
एक लिफ्ट भी लगाई जा रही है ताकि प्रथम तल पर जाने के लिए सीढ़ियां न चढ़ना पड़े। पीडब्ल्यूडी ने श्यामला हिल्स को काॅर्पोरेट लुक देने के लिए वास्तुविदों से एक फरवरी 2019 तक प्रपोजल मांग लिया है। सीएम खुद प्रेजेंटेशन देखेंगे और पसंद आने के बाद काम व लागत तय की जाएगी।
दिग्विजय सिंह सरकार के 2003 में जाने के बाद भाजपा सरकार की नई मुख्यमंत्री बनीं उमा भारती, फिर बाबूलाल गौर और 2005 से शिवराज सिंह चौहान इस बंगले में रह रहे थे। इस दौरान मामूली बदलाव हुए, लेकिन कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नया काम होगा।
इसी के बाद कमलनाथ श्यामला हिल्स में प्रवेश करेंगे। इस बदलाव से माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ-साथ घर से भी काफी समय काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 650 करोड़ रुपए की लागत से वल्लभ भवन में एनेक्सी का निर्माण करवाया है जिसमें कि नया मुख्यमंत्री कार्यालय बनाया गया है।
चौबीस घंटे में बदला नोटिस : पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (कैपिटल जोन) के हवाले से पहला इनविटेशन नोटिस 16 जनवरी को जारी किया गया। इसमें 31 जनवरी तक प्रपोजल मांगे गए और ईई (मेंटीनेंस डिवीजन-1 भोपाल) प्रवीण कुमार शर्मा से संपर्क करने के लिए कहा गया।
इसके वेबसाइट पर अपलोड होने के 24 घंटे बाद ही पीडब्ल्यूडी के चीफ आर्किटेक्ट के हवाले से 17 जनवरी को दूसरा नोटिस डॉक्यूमेंट जारी हुआ, जिसमें तमाम कार्यों का ब्यौरा देते हुए पीआईयू विंग के डीपीई एसएस ठाकुर से संपर्क करने को कहा गया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दोनों नोटिस सही हैं। बाद वाले में कुछ चीजें और क्लियर की गई हैं। इंटीरियर और फर्नीचर के काम भी होने हैं।
6 श्यामला हिल्स... यानी कमलनाथ का पूरा ऑफिस
सीएम कक्ष से लगा एक स्टाफ कक्ष होगा, जिसमें प्रमुख सचिव और सचिव के साथ उनके सहायकों के कैबिन होंगे। मीटिंग हॉल पूरी तरह से नया बनेगा। फिलहाल उसकी क्षमता 75 लोगों की तय की गई है।
प्रमुख सचिव और सचिव के साथ उनके पीए के लिए अलग-अलग चेंबर होंगे। एसपी सिक्योरिटी, ओएसडी, पर्सनल ओएसडी और उनके पीए के भी अलग कक्ष रहेंगे।
असिस्टेंट के साथ डॉक्टर का रूम अलग होगा। उप सचिव व उनके पीए के लिए भी अलग कमरा। प्रोग्राम सेक्शन का केबिन और सलाहकार के लिए भी अतिरिक्त कक्ष होगा।
वीडियो सर्विलांस सुविधा के साथ सिक्योरिटी ऑफिस व सिक्योरिटी रूम पांच लोगों की क्षमता के साथ रहेगा। जन शिकायत कक्ष भी बनेगा।
तीन वेटिंग रूम होंगे। एक वीवीआईपी व वीआईपी के लिए, एक रिसेप्शन व वेटिंग एरिया और एक आम लोगों के लिए।
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